What is Section 80EEB | आयकर अधिनियम की धारा 80EEB क्या है

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आयकर अधिनियम Section 80EEB Hindi: लगातार जनसंख्या में वृद्धि के साथ साथ लोगों की आय में कहीं न कहीं गिरावट आई है। लेकिन ऐसी स्थिति में भी भारत की एक विशाल आबादी अछि सुविधा और आराम के लिए विलासित हैं। ऐसे में लोग कई सारी आराम की दैनिक वस्तुओं की खरीददारी की तरफ आकर्षित भी हो रहे हैं।

यही वजह है कि कई सारी उद्योगों की डिमांड में भारी वृद्धि देखी जा रही है। उनमें से एक ऑटोमोबाइल उद्योग है। इसका मुख्य वजह है लोगों का इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ रुचि दिखाना।

आपको बता दें की कहीं न कहीं लगातार बढ़ती आबादी पर्यावरण के लिए सर दर्द बन चुका है। पर्यावरण की रक्षा की तरफ आखिरकार अब लोगों का ध्यान जाने लगा है। लेकिन क्या हमारा कर्तव्य नहीं बनता अपने तरफ से भी पर्यावरण की देखभाल की कोशिश की जाए। हमारे छोटे छोटे प्रयास ही पर्यावरण संरक्षण में रंग ला सकता है।


जानें आयकर अधिनियम की धारा Section 80EEB (80EEB of Income Tax Act India) के बारे में..

लोग अब डीज़ल, पेट्रोल की बढ़ती कीमत से परेशान होकर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की तरफ रुख किया है। और उनका यह फैसला काफी हद तक सही भी है। इससे लोगों के बजट पर फर्क तो पड़ेगा ही, इसके अलावा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल उधोग पर्यावरण संरक्षण के लिए भी काफी कारगर साबित होने वाला है।

लोग अपनी यात्रा की सुविधा और सामर्थ्य को ध्यान में रखते हुए वाहन खरीद रहे हैं। मध्यम वर्ग या फिर निम्न-मध्यम हर वर्ग के लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार वाहन खरीद रहे हैं। 

यदि कोई तुरंत नकद भुगतान नहीं कर सकता है, तो बैंक और मोटर वाहन सेवाओं के साथ कई अन्य वित्तीय संस्थान भी हैं जो प्रस्ताव खरीद के लिए ऋण दे रहे हैं। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के खरीद को लेकर हमारी गवर्नमेंट भी कई तरीके से प्रोत्साहन दे रही है।

हाल ही में भारत सरकार ने धारा 80EEB आयकर अधिनियम लागू किया है जिसके तहत किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर उनके ब्याज दरों में कमी करने का प्रावधान है। वहीं दूसरी तरफ हमारे देश में स्वयं के उपयोग के लिए किसी भी कार के खरीद पर (ऑटो लोन) में कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता है।

लेकिन बात इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की करें तो सरकार ने कई सारे नयी पालिसी/नीति बनाया है। अतः अब आपको इलेक्ट्रिक कार, बाइक और किसी भी प्रकार के विधुत व्हीकल्स के खरीद पर टैक्स बेनिफिट्स मिलने वाले हैं। ये कदम इलेक्ट्रिक व्हीकल के बिक्री को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

आइए हम जानतें हैं आखिर क्या है आयकर अधिनियम की धारा 80EEB और Section 80EEB in Hindi 2022 पूरी डिटेल में।

Section 80EEB of Income Tax
Section 80EEB of Income Tax

धारा 80EEB क्या है (Section 80EEB in Hindi)

धारा 80EEB भारत सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के खरीद पर टैक्स कटौती पर लाभ मिलने के लिए प्रावधान है। इस इलेक्ट्रिक व्हीकल धारा 80EEB को पहली बार वित्त अधिनियम, 2019 में लांच किया गया था। 2 व्हीलर्स और 4 व्हीलर्स इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के ऑटो लोन पर सेक्शन 80EEB के अंतर्गत 1,50,000 Rs तक की छूट मिल सकती है। यह छूट आपको लिए गए ऑटो लोन के अमाउंट के भुगतान के ब्याज पर मिलेगा। यह पढ़ें:- बैटरी स्वैपिंग नीति क्या है

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि इस योजना के तहत उन्नत बैटरी और पंजीकृत ई-वाहन को कवर किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत 2020-2021 से इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए जो ऋण लिया गया है उसके भुगतान किए गए ब्याज पर कटौती का प्रावधान है।

यह योजना व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों तरह के उद्देश्यों के लिए उपलब्ध है। इसके अंतर्गत दोनों चार पहिया और दोपहिया वाहन कटौती ऋण राशि के पूर्ण पुनर्भुगतान का लाभ प्राप्त सकते हैं।

इस धारा के अंतर्गत घरेलू उपयोग के लिए इलेक्ट्रिक कार, इलेक्ट्रिक बाइक, इलेक्ट्रिक स्कूटर, इलेक्ट्रिक साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीद पर लाभ मिलेगा। यह प्रावधान इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के ख़रीद को प्रोमोट करने के लिए लाया गया है।

यह पढ़ें:- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने के टैक्स बेनिफिट्स


धारा 80EEB की पात्रता मापदंड (Benefits and Limits of Section 80EEB)

आपको बता दें कि इस धारा खंड के तहत पात्रता मानदंड व्यक्तियों के पक्ष में हैं। जिसका मतलब यह हुआ कि टैक्स में की गई कटौती का विकल्प केवल व्यक्तियों (पर्सनल वेहिकल) के लिए उपलब्ध है। बाकी किसी भी अन्य संस्था, किसी भी अन्य पंजीकृत कर दाताओं के लिए इसकी अनुमति नहीं दी गयी। उदाहरण के लिहे कई ऐसे वाहन कर्जदार है जैसे हिन्दू अविभाजित परिवार (HUF), पार्टनरशिप फर्म, AOP, कंपनी या कोई अन्य करदाता, इन सभी को इसका फायदा नहीं मिलेगा।

धारा 80EEB के तहत कटौती राशि (Section 80EEB Tax Rebate)

इस धारा के तहत ब्याज भुगतान के लिए कुछ कटौती राशि फिक्स किया गया है। यह अधिकतम कटौती राशि 1,50,000 रुपये है। आप अपने निजी इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीद की ब्याज को चुकाते समय टैक्स में कटौती का दावा कर सकते हैं।

यदि आप खुद के लिए या अपने निजी व्यवसाय के लिए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदते है तो आप 1,50,000 रुपये के अपने वाहन के ब्याज भुगतान का दावा कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी यह है कि वाहन व्यवसाय के स्वामी के नाम से पंजीकृत होना चाहिए।

आपको बता दें कि वाहन के ब्याज रिटर्न फॉर्म भरते समय ब्याज भुगतान प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज जैसे टैक्स इनवॉइस और ऋण दस्तावेज का होना जरूरी है। इसके लिए आप अपने सारे दस्तावेज को पहले से ही संरक्षित करके रख सकते हैं।


कौन उठा सकता है सेक्शन 80EEB का फायदा

  • धारा 80EEB के तहत एक व्यक्ति इसका फायदा केवल एक बार ही उठा सकता है। अगर कोई व्यक्ति अभी तक कोई इलेक्ट्रिक व्हीकल नहीं खरीदा है तो वह इस छूट का फायदा उठा सकता है।
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए किसी वित्तीय संस्था (फाइनेंसियल इंस्टीटूशन)/नॉन बैंकिंग वित्तीय कंपनी (ऍन बी ऍफ़ सी ) से लोन लेने के बाद ही इसका फायदा मिलेगा।
  • इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए गये लोन्स जो 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2023 के बिच में सैंक्शन किये गए हो, इसका फायदा उठा सकते हैं।
  • 2020-2021 वित्तीय वर्ष (फाइनेंसियल ईयर) से ये छूट पूर्णतया लागू हो जाएंगे।

आयकर अधिनियम की धारा 80EEB की नियम और शर्तें:

यदि आप भी इलेक्ट्रिक व्हीकल के मालिक हैं या फिर खरीदने की सोच रहे हैं तो धारा 80EEB के तहत टैक्स कटौती का दावा करने के लिए पात्र होने की शर्तें नीचे दी गई. 

  • वित्तीय संस्थान: अपने ऋण में कटौती पाने ध्यान रखें आपके वाहन का ऋण किसी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के द्वारा सेंकसशन किया गया हो।
  • समय सीमा: ग्रीन इंडिया और इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए इस योजना को लांच तो किया गया है पर इसकी समय सीमा भी तय कर दी गयी है। धारा 80EEB के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए आपका वाहन ऋण 1 अप्रैल 2019 से लेकर 31 मार्च 2023 के बीच की अवधि के दौरान कभी भी स्वीकृत होना चाहिए होगा।
  • वाहन का प्रकार: धारा 80EEB के प्रावधानों के तहत पात्र वाहन के प्रकार को काफी ज्यादा ध्यान में रखें। इस श्रेणी में केवल ‘इलेक्ट्रिक वाहन’ यानी कि कोई ऐसा वाहन है जो सिर्फ एक इलेक्ट्रिक मोटर द्वारा संचालित किया जाए शामिल है। ऐसा वाहन जिसमें स्थापित ट्रैक्शन बैटरी से कर्षण ऊर्जा की आपूर्ति की जाती है।

इलेक्ट्रिक मोटर के बारे में महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points on Electric Motors)

भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए बहुत ही तेज़ी से इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े सारी योजनाएं को बढ़ावा देने में लगी है। सरकार देश में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देने के लक्ष्य के साथ लॉन्च किया गया था और इसके साथ हीं केंद्रीय कैबिनेट ने 1 अप्रैल, 2019 को इस योजना के दूसरे चरण को पूर्ण रूप से मंजूरी दे दी है।

यह पढ़ें:- बैटरी स्वैपिंग नीति क्या है

बताया जा रहा है कि यह योजना 31 मार्च, 2022 तक पूरी होने वाली है। FAME India इलेक्ट्रीक वाहन के लिए चरण 2 का निर्धारित बजट तय किया गया है 10 हज़ार करोड़ रुपये। यह सारा राशि 3 साल के लिए बताई गई है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देना है। ऐसे में इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की खरीद के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करने में मदद करना है। इसके तहत इलेक्ट्रिक दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए प्रोत्साहन उपलब्ध हैं।


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Frequently Asked Questions (FAQs)

Q. सेक्शन 80EEA कब लागू हुआ?

Ans: 2019 के बजट में सेक्शन 80EEA लाया गया था। 2021 के बजट में इसकी अवधि को मार्च 2022 तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

Q. सेक्शन 80ईईए के तहत कटौती की सीमा कितनी है?

Ans: पहली बार घर खरीद रहे ग्राहकों के लिए होम लोन को लेकर भुगतान किए गए ब्याज में टैक्स कटौती एक साल में 1.50 लाख रुपये है.

निष्कर्ष (Conclusion)

यह हमारे देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए गवर्नमेंट द्वारा एक अच्छा कदम बढ़ाया गया है। यह फैसला Go green Go India हमारे पर्यावरण संरक्षण पर भी खास असर करेगा। धारा 80EEB भारत में इलेक्ट्रिक वाहन से यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक वरदान साबित हो सकता है। लोग व्यक्तिगत स्तर पर और व्यवसायी स्तर पर इस योजना से लाभान्वित हो सकते हैं। और तो और भुगतान किए गए ब्याज पर टैक्स के रूप में पैसा भी बचा सकते हैं।.

आशा करता हूँ आप सभी पाठकों को हमारा यह पोस्ट आयकर अधिनियम की धारा 80EEB क्या है (Section 80EEB in Hindi) काफी हद तक पसंद आया होगा। इसके माध्यम से हमने टॉपिक से जुड़ी सटीक जानकारी आप सभी तक पहुचाने का प्रयास किया है।

यदि इस पोस्ट में किसी भी प्रकार का कोई त्रुटि हो तो आप हमसे संपर्क जरूर करें। इसके अलावा आप अपनी राय और सुझाव भी हमें कमेंट करके दे सकते हैं।

धन्यवाद:)

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From (Patna, Bihar) Rahul is the founder of blog Ecovahan. Computer Science Engineer and Passionate Blogger. संकल्प करें इलेक्ट्रिक चुनें

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